What is Double Mutant Variant of Coronavirus?

What is Double Mutant Variant of Coronavirus
What is Double Mutant Variant of Coronavirus

कोरोना वायरस का डबल म्युटेंट क्या है?

कोरोनावायरस ने देश में एक बहुत ही खतरनाक रूप ले लिया है। एक दिन में कोरोना के नए केसेस ने लाखों का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके लिए वैज्ञानिकों और महामारी विशेषज्ञों ने इस बात को बताया की इसके लिए शायद बाहर से आए वैरिएंट्स और भारत में मिला डबल म्यूटेंट वैरिएंट तो इसके लिए दोषी हैl औरअब यहाँ पर डबल म्यूटेंट वैरिएंट्स तेजी से फैल रहा है। महाराष्ट्र के 61% सैम्पल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग में डबल म्यूटेंट वायरस होने की पुष्टि हुई है। केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि यह डबल म्यूटेंट वायरस महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्यप्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़, झारखंड होता हुआ करीब 10 राज्यों में पहुंच चुका है, जहां पिछले कुछ समय से पॉजिटिव केस तेजी से बढ़े हैं।

शुरुआत महाराष्ट्र से हुई। मार्च में केंद्र सरकार ने कहा कि महाराष्ट्र से लिए सैम्पल्स में 20% केसेस में डबल म्यूटेंट वैरिएंट मिला है। पर नए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। जीनोम स्टडी के लिए की गई सीक्वेंसिंग से पता चला कि 61% केसेस में डबल म्यूटेंट वैरिएंट मिला है। केंद्र सरकार के सूत्र बता रहे हैं कि दिल्ली, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में भी यह वैरिएंट सक्रिय है।

अब तक महाराष्ट्र के अमरावती, नागपुर, अकोला, वर्धा, पुणे, ठाणे, औरंगाबाद और चंद्रपुर जिलों में यह घातक वैरिएंट मिला है। अन्य जिलों से ज्यादा सैम्पल नहीं लिए गए हैं और उनकी सीक्वेंसिंग हुई नहीं है। यह देखते हुए और भी जिलों में यह फैला हो सकता है। दुनिया की बात करें तो अमेरिका, यूके, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया में भी यह डबल म्यूटेंट वैरिएंट मिला हैl

आखिर क्यों इस वैरिएंट्स को डबल म्यूटेंट कहा जा रहा है?

देश की ख्यात वैक्सीन साइंटिस्ट और वेल्लोर के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी प्रोफेसर डॉ. गगनदीप कंग कहती हैं कि इसे समझना इतना भी मुश्किल नहीं है। वायरस एक शरीर से दूसरे शरीर में जाता है तो उसमें बदलाव होते हैं। यह स्पेलिंग मिस्टेक्स की तरह है। VIRUS को VIURS लिखने जैसा। इन्हें ही वैज्ञानिक उस वायरस का वैरिएंट्स कहते हैं।

कोरोनावायरस यानी SARS-CoV-2 के नए वैरिएंट को उसमें हुए दो म्यूटेशंस ( E484Q और L452R) की वजह से डबल म्यूटेंट वैरिएंट कहा जा रहा है। वैज्ञानिकों ने इसे B.1.617 नाम दिया है। इस डबल म्यूटेंट वैरिएंट में वायरस में दो जगह बदलाव हुए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि यह दोनों ही बदलाव नए नहीं हैं। बल्कि अलग-अलग वैरिएंट्स में हम अलग-अलग देशों में इनका अलग-अलग असर देख रहे हैं। दोनों ही बदलाव वायरस के स्पाइक प्रोटीन में हुए हैं।

Source: Dainik bhasker

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