The Story of Elon Musk in hindi

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The Story of Elon Musk in hindi

जब एस्ट्रोफिजिसिस्ट Neil Degrasse से पूछा गया, कि दुनिया में सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट इंसान कौन है। तो उन्होंने कहा कि Tesla और SpaceX के फाउंडर Elon Musk है।यह दुनिया के सबसे Important इंसान है, क्योंकि यह कोई नई वेबसाइट, नई सॉफ्टवेयर, नहीं बनाते बल्कि हमारी लाइफ को कंफर्टेबल बना रहे हैं। वह ऐसा काम कर रहे हैं, जो इंसानियत का फ्यूचर बनाएगा। क्योंकि एलॉन मुस्क इतने इंपॉर्टेंट इंसान हैं तो मैक्सिमम लोग यह जानना चाहते हैं, कि यह इंसान जो, जिसकी बहुत सारी कंपनियां हैं।जैसे टेस्ला स्पेसिफिक तो वह अपना टाइम कैसे मैनेज करता है।

अब अभी असली मैंने भी बहुत सारी बुक पड़ी थी। टाइम मैनेजमेंट की लेकिन अनफॉर्चूनेटली एलॉन मुस्क ने कोई बुक नहीं पड़ी थी लेकिन हम इनके इंटरव्यूज को कंबाइन करके देखेंगे कि यह अपना मॉर्निंग रूटीन और डेली रूटीन कैसे मैनेज करते हैं। हम लोग एलोन मस्क के मॉर्निंग मॉर्निंग रूटीन को जेब बैलेंज के मॉर्निंग रूटीन के साथ कंपेयर करेंगे, जो बिल्कुल ही अलग है सो आई होप आप सब लोग एक्साइटिड होंगे क्योंकि मैं तो हूं।
हमें से काफी लोगों ने मेरिकल मॉर्निंग बुक को पढ़ा होगा। एक काफी अच्छा मॉर्निंग रूटीन सीखा होगा। जिसे याद करने के लिए हमने एक एग्रोनॉमी लिखा हुआ है। जिसे हम से severs कहते हैं।

यानी सुबह उठकर S से Silence रहो। और अपने डे के बारे में सोचो और लाइफ को अप्रिशिएट करो।
A से Affirmations जिसमें खुद से पॉजिटिव बातें बोलो जैसे मैं सक्सेसफुल हो जाऊंगा मैं अमीर हो जाऊंगा।
V से Visualize करो
E से Exercise थोड़ी देर एक्सरसाइज करो
R से Reading हर रोज एक या दो पेज पढ़ो लेकिन हर रोज कुछ ना कुछ पॉजिटिव चीजें पढ़ो। और फाइनली S से Scribing या नहीं अपने पॉजिटिव थॉट्स को फिजिकल थॉट्स देने के लिए उन विचारों को कॉपी पर लिखो।

यह से सेवरस मॉर्निंग रूटीन बहुत ही फेमस है। और का well बैलेंस भी रखता है। लेकिन एलोन मस्क जैसे जितने भी इंटेलीजेंट व्यक्ति हैं उनका रूटीन सेवर रूटीन से मिलता ही नहीं है। हमें से जो लोग सेवर मॉर्निंग रूटीन को फॉलो कर रहे थे उन्हें बहुत शौक लगेगा।एलोन मस्क सेवर जैसे मॉर्निंग रूटीन को बिल्कुल फॉलो। वह सिर्फ एक ही चीज को फॉलो करते हैं वह है कर्मा। जहां पर एक एवरेज आदमी 1 घंटे में 48 घंटा काम करता है एलोन मस्क हर हफ्ते 100 घंटे के करीब काम करते हैं। एलोन मस्क रात में 1:00 बजे सोते हैं और सुबह 7:00 बजे उठ जाते हैं वह अपना फोन उठाते हैं और पहले आधे घंटे अपने इंपॉर्टेंट ईमेल चेक करते हैं। और उनका रिप्लाई करते हैं इसके बाद वह नहाते हैं और अपने 5 बच्चों को स्कूल भेजकर काम के लिए निकल जाते हैं एलोन मस्क सुबह का नाश्ता भी नहीं करते और रास्ते में कई बार अपनी कार रोककर वह कॉफी ले लेते हैं और उसे कार में ही पीते हैं। वो अपने दिन के हिसाब से या तो अपनी कंपनी कंपनी टेस्ला या स्पेशीक में जाते हैं। और वहां पर वह माइटी परसेंट टाइम इंजीनियरिंग और डिजाइन में गुजारते हैं लोन मस्त कोशिश करते हैं कि वह मीटिंग के टाइम नहीं अपना लंच कर ले और उनका टाइम बच सके दोबारा से वो रात के 1:00 बजे तक काम करते रहते हैं और उनका यह शेड्यूल साल के 365 दिन चलता रहता है।

Biography of Elon Musk in hindi

लेकिन अब इसलिए वह वर्क हॉर्लिक है लेकिन अपने अन हेल्थी लाइफस्टाइल की वजह से बहुत लोगों की नजरों में है। लेकिन इसी शेड्यूल ने एलोन मस्क को द एलॉन मुस्क बनाया और एलॉन मुस्क को कोशिश करते हैं कि हफ्ते में एक से दो बार जिम जरूर जाना खुद को फिट रखने के लिए। इसके कंपलीटली ऑपोजिट मॉर्निंग रूटीन है जैफ वजूज । जैफ वजूज भी एलोन मस्क की तरह सक्सेसफुल हैं। लेकिन वह अपनी बॉडी और अपने हेल्थ का बहुत ख्याल रखते हैं। जब वजूद कहते हैं कि मैं स्लीप को बहुत सीरियसली लेता हूं मैं मिनिमम 8 घंटे तक सोता हूं क्योंकि मेरी नींद पूरी होती है तो मैं क्लियर सोचता हूं। मेरे बॉडी में एनर्जी ज्यादा होती है और मेरा मूड भी अच्छा रहता है। वजूद कहते हैं कि जब अमेजॉन एक स्टार्टअप कंपनी थी तो बात कुछ और थी तब मैं कम नींद लेता था अब वह पूरी नींद लेते हैं आराम से कॉफी पीते हैं। न्यूज़पेपर बढ़ते हैं। और अपने बच्चों के स्कूल जाने जाने से पहले उनके साथ हेल्दी ब्रेकफास्ट करते हैं। जब बोलते हैं कि मैं शाम को इंपॉर्टेंट मीटिंग नहीं रखता क्योंकि उस वक्त ब्रेन थक जाता है इंपॉर्टेंट मीटिंग में सुबह 10:00 बजे ही रख लेता हूं वरना मैं अपने कलिक्स को कहता हूं कि मैं अब और ज्यादा नहीं सोच सकता कल दोबारा 10:00 बजे मीटिंग रखते हैं। अब इंपॉर्टेंट बात यह है कि जफ बजोज और एलोन मस्क दोनों बहुत एजुकेटेड हैं। जय अपने 1986 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग किए हैं और कंप्यूटर साइंस की डिग्री हासिल की थी। और एलॉन मुस्क ने फिजिक्स में बैचलर डिग्री ली। यह दोनों ही काफी सक्सेसफुल लोग हैं। लेकिन इनके वर्किंग शेड्यूल डेली रूटीन बिल्कुल डिफरेंट है।

एलॉन मुस्क के लिए टाइम ब्लॉकिंग बहुत इंपॉर्टेंट है प्लानिंग करके जितना जितना काम कर सकते हैं उतना इतना काम बिना टाइम मैनेजमेंट का नहीं कर सकते हैं। टाइम ब्लॉकिंग जो है बहुत ही प्रैक्टिस टाइम मैनेजमेंट प्रोसेस है। इसमें प्रत्येक ब्लॉक का एक यही वर्क होता है कि इसमें एक स्पेसिफिक का टास्को को कंप्लीट करना। उस टाइम किसी और काम को नहीं करेंगे। एक्चुअली टाइम ब्लॉकिंग के चार प्रकार हैं पहला टाइम ब्लॉकिंग दूसरा टास्क बैचिंग, तीसरा डे थीमीग चौथा टाइम बॉक्सिंग।टाइम ब्लॉकिंग का मतलब होता है कि हम 1 दिन के कुछ घंटे पहले से डिसाइड कर लेने होते हैं। उस वक्त हमें कौन सा एक पार्टिकुलर टास्क करना है। लेकिन उसमें हम यह नहीं डिसाइड करेंगे कि हमें उस टास्क को एक्जेक्टली कितना अमाउंट ऑफ वर्क कंप्लीट करना है। एलोन मस्क अपने कंपनी के साथ दे टीमिंग टेक्निक का इस्तेमाल करते हैं। वह मंडे और वेडनेसडे टेस्ला कंपनी में जाते हैं और ट्यूसडे और थर्सडे SpaceX को देते हैं।

The Story of Elon Musk in hindi

यह कहानी शुरू होती है साउथ ऑस्ट्रेलिया में। जहां पर सितंबर 2016 मैं इतना भयानक स्ट्रोम आया था कि वहां पर 80012 लाइटिंग और दो बार ज्वालामुखी फटा था। जिसकी वजह से पूरा इलेक्ट्रिक ग्रिड फेल हो गया था। और उस वक्त 1.7 मिलियन लोग अंधेरे में रह गए थे। उस वक्त मेलकोन टरबॉल ड्रीम करना चाहे कि यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि स्टेट रिन्यूएबल एनर्जी पर ज्यादा ध्यान दे रहा है इस पब्लिक स्टेटमेंट को देखकर टेस्ला की बैटरी डिवीजन हेड साउथ ऑस्ट्रेलिया की प्रॉब्लम हम एक झटके में सॉल्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 100 मेगा वोल्ट की बैटरी 100 दिन में लगा देंगे इस पर माइक कानौन ब्ररूसी और सॉफ्टवेयर कंपनी के कोफाउंडर ने उन्होंने एक ट्वीट किया और कहा कि अगर मैं पैसे और पॉलिटिक्स को मैनेज कर दूं तो तुम गारंटी दे सकते हो कि तुम 100 दिन में 100 मेगावाट बैटरी लगा दोगे इस पर एलोन मस्क को गुस्सा आ गया।ने कहा कि 100 दिन में मैं बैटरी लगा दूंगा जिस दिन में कॉन्ट्रैक्ट पर उन्होंने साइन किया उसके अगले 100 में दिन पूरा 100 मेगावाट का वर्किंग सिस्टम इनस्टॉल किया अगर हमसे सऊदी से ज्यादा लगते हैं तुम्हें पूरा सिस्टम ऑस्ट्रेलिया को फ्री में दे दूंगा इस पर माइक टेनोने दोबारा ट्वीट किया ठीक है मैं इसको मैनेज करता हूं तुम मुझे अपना रेट सेंड करो और अगले महीने साउथ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नमेंट में अपने इलेक्ट्रिक ग्रिड को स्टेबलाइज करने के 550 मिलियन डॉलर का एनर्जी प्लान जिसमें 100 मेगावाट का एनर्जी स्टोरेज प्लान था और इसके बाद उसको कॉन्ट्रैक्ट मिल गया।

कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ 29 सितंबर को और एलॉन मुस्क ने कॉन्ट्रैक्ट में यह भी लिखवाया कि जो मैंने ट्विटर ने कहा है मैं उसे फॉलो करूंगा अगर मैं 100 दिन में प्रोजेक्ट कंप्लीट नहीं कर पाया तुम्हें यह सब ऑस्ट्रेलिया को फ्री में दे दूंगा। जिससे एलॉन मुस्क को 50 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता था।
जरा सोचिए एलोन मस्क उसे पूरा कर पाए 100 दिन में तो हम लोग अपना घर भी नहीं बनवा पाते हैं। एलोन मस्क की कंपनी ने जो कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था कि वह 100 दिनों में वर्क पूरा करेंगे उन्होंने 60 दिनों में ही कर दिखाया यानी 40 दिन पहले नवंबर को उन्होंने काम कंप्लीट किया।यह कैसा सीक्रेट थिंकिंग मेथड है। जॉन मस्त यूज करते हैं जो बाकी लोग यूज़ नहीं करते इसीलिए अलोन कंपलीटली डिफरेंट फील्ड्स में सक्सेसफुल हो गए।इन्होंने कैसे इंसान हैं जिन्होंने पेपल बनाया पेमेंट ट्रांसफर करने के लिए। जिससे उन्होंने 180 मिलियंस डॉलर कमाए। इसके बाद उन्होंने दो ऐसे कंपनी को खोलें जो बिल्कुल ही उनके एक्सपीरियंस से अलग थे जिसमें पहले कंपनी थे इस ए स्पेसिक इसका गोल था कि रीयूज इबल रॉकेट बनाया जाए।

इन्होंने पहली बार अपनी एक प्राइवेट कंपनी खोली और हुमन हिस्ट्री में उन्होंने ही उज्जवल रॉकेट बनाएं और यह काम अमेरिका के स्पेस एजेंसी नासा और रसिया की स्पेस एजेंसी रोस्कॉसमॉस भी नहीं कर पाई यह बहुत ही बड़ी अचीवमेंट थी कि मंच के लिए। इसके बाद सेकंड जो कंपनी मस्क ने खोली थी वह था टेस्ला। जहां कि वह इलेक्ट्रिक कार्स बनाते थे। लोन की दूसरी सबसे बड़ी प्रॉब्लम थी फॉसिल फ्यूल्स उन्होंने सोचा कि जितनी भी इंडस्ट्री चल रही है ट्रांसपोर्ट चल रही है। वह सब सिर्फ और सिर्फ फॉसिल फ्यूल की वजह से चल रही है। और हम तीन तरह के फॉसिल फ्यूल्स उपयोग करते हैं कॉल नेचुरल गैस और क्रूड ऑयल। उन्होंने सोचा कि फॉसिल फ्यूल को प्रयोग करने के दो मेजर प्रॉब्लम है पहले प्रॉब्लम यह है कि जब फॉसिल फ्यूल खत्म हो जाए क्योंकि फसल फिल्म को बनने में 300 बिलियन साल लगते हैं। क्योंकि उस 300 बिलियन साल पहले जब डायनासोर मर गए थे तो वह लोग फॉसिल फ्यूल में कन्वर्ट हो गए थे जिससे हम आजकल गाड़ियां चलाते हैं।

जैसे ऑयल 2050 तक गैस 2060 तक और कॉल 2050 की तक खत्म हो जाएगा यानी हमारे पास ज्यादा टाइम नहीं है और हम में से कितने लोग को लगता है कि यह तो इतनी बड़ी प्रॉब्लम नहीं है गाड़ी और इंडस्ट्री नहीं चलेंगे बस एक और प्रॉब्लम है जिसकी वजह से रोने टेस्ला कंप्लीट होली वह यह है कि जब जब हम फॉसिल फ्यूल्स या कॉल को जलाते हैं तो उसमें CO2 गैस निकलता है और अगर CO2 बढ़ेगा तो टेंपरेचर बढ़ेगा और अगर टेंपरेचर 6 से 10 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है तो महासागर का लेबल 200 मीटर तक बढ़ सकता है और अगर पृथ्वी की टेंपरेचर 58 डिग्री सेल्सियस तक हो गया तो पृथ्वी की मैक्सिमम फसल और जानवर खत्म हो जाएंगे।

लेकिन लोग सोचते हैं कि कि अगर टेक्नोलॉजी बढ़ेगी तो प्रॉब्लम भी सॉल्व हो जाएगी लेकिन यह मॉस्क का कहना है, कि ऐसा नहीं होता है। टेक्नोलॉजी किसी और ऑर्गनइजम की तरह अपने आप नहीं बढ़ती।मैक्सिमम कार कंपनियां पहले टेस्ला की तरह इलेक्ट्रिक कार नहीं बनाती थी उन्हें यह लगता था कि लोग तो पेट्रोल वाली गाड़ियां खरीद रहे हैं तो हम इनोवेशन में पैसा क्यों बर्बाद करें। लेकिन टेस्ला के सक्सेज के बाद बीएमडब्ल्यू निशान ओल्क्स वयंग और फोर्ड सब कंपनी इलेक्ट्रिक कार बनाने लगी और यह इसलिए हुआ क्योंकि अलोन को दुनिया को चेंज करना है ना कि सिर्फ बिजनेस करना है जब एक बार इलोन से पूछा गया कि उनका बिजनेस प्लान क्या है तो उन्होंने कहा कि मेरा कोई बिजनेस प्लान नहीं है।

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इसके बाद अलोन इतनी ज्यादा हार्ड वर्किंग थे। कि वह कभी-कभी अपने कंपनी के सोफे पर सो जाते थे। और यह इंसान एक बिलेनियर है।

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