The 4 hour work week book summary in hindi

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The 4 hour work week book summary in hindi

The 4 hour work week book summary in hindi: दोस्तों इस किताब को पढ़ने के बाद हमे चार खास बातें सीखने को मिलती है. मैं यहाँ आपको वो चार खास बातें जो मै बताने जा रहा हूँ, मुझे यकीं है की आपको भी ये पढ़ कर अच्छा लगेगा. इसके अलावा आपको सीखने के लिए भी बहुत कुछ मिलेगा. 

The 4 hour work week

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The 4 hour work week Book Summary

Writer  Timothy Ferriss

Author(ऑथर) अपने लाईफ के एक इवेंट के बारे में बताते हैं कि जब वह आठ साल का था तब एक बार दुकान से अपने घर की तरफ लौट रहे थे.  उनके हाथ में एक सिक्का था. जिनसे वे खेलते हुए जा रहे थे. लेकिन अचानक सिक्का उनके हाथ से गिर के गटर में चला जाता है. बहुत कोशिश करने के बाद भी गटर से वो सिक्का नहीं निकलता. वे बहुत परेशान हो जाते है. घर पहुंचते ही वो सारी बात अपने फादर को बताते है. उनके फादर ने उनसे कहते हैं कि बेटा पैसो से नहीं खेलना चाहिए, पर थोड़ी देर बाद उनके दादा जी उनको बुलाकर कहते हैं कि बेटा प्रॉब्लम ये नहीं हैं कि तुम्हारा एक सिक्का खो गया. प्रॉब्लम ये हैं कि तुम्हारें पास वह ही एक सिक्का था जो खो गया. और एक छोटी सी बात में Author का पैसे देखने का पूरा नजरिया बदल गया.

The 4 hour work week book summary in hindi: Author कहते हैं कि वो चैरिटी इवेंट में गये थे. जहां हर कोई जितने हो सकते थे उतने डोनेट कर रहे थे. लेकिन सारे पैसे कलेक्ट करने के बाद भी उनलोगो के पास एक मिलियन डॉलर कम थे उनके गोल तक पहुंचने के लिए. लेकिन तभी एक आदमी उठा और एक मिलियन का चेक साईन करके दे दिया. और सब लोग बहुत खुश हो गये. तभी Author ने रियालाईज किया कि दुनिया में हर इंसान उस आदमी जैसा बनना चाहेगा. अमीर बनने का मतलब ये नहीं हैं कि क्लेबरगिरी खरीद ले या किसी आईलैंड में रहे. अमीर बनने का मतलब हैं कि अपने व दूसरो कि हेल्प कर पायें.

जिम रोन कहते हैं कि “फॉर्मल एजुकेशन सिर्फ आपका घर चला सकती है. लेकिन सेल्फ एजुकेशन आपकी किस्मत बदल सकती हैं”.

Author कहते हैं कि दुनिया का सबसे मुश्किल काम हैं कि दूसरे के जेब से अपना पैसा निकलवाना. यानि कि ये समझना कि Who is take my money (मेरे पैसे किसके पास है). अमीर बनने के लिए यह समझना बहुत जरूरी बात हैं. नहीं तो आप भैंस के सामने बिन बजाते रह जाओगे. आपने कई लोगो को कहते हुए सुना होगा कि मेहनत तो बहुत करता हुं पर पैसा नहीं आ रहे हैं. बस यहीं पर फॉल्ट है. आपने कभी पर टीवी पर फेरारी लंबर के नीचे स्पोट्स कार की ऐड देखी हैं कभी नहीं देखोगे. क्योंकि वे टीवी ऐड चलाते ही नहीं है. क्योंकि उन्हें पता हैं कि जो लोग टीवी देखते हैँ उनके पास उतने पैसे नहीं होते हैं कि उनकी कार खरीद सके. अमीर लोग बहुत ही पेसिफिक होते हैं वो अपने कस्टर को Find करते हैं. किसी को भी समान बेचने के लिए नहीं निकल जाते, क्योंकि वह जानते हैं कि हर लोग उनका समान नहीं खरीदेगा. जेनरली हम वेल्थ को पैसो से नापते हैं. अगर कोई इंसान ज्यादा पैसा अर्न करता हैं तो हम उन्हें अमीर मानते हैं और जो कम पैसा अर्न करता हैं उन्हें हम गरीब मानते हैं.

लेकिन पैसो के अलावे भी दो फैक्टर ऐसे हैं जो किसी भी इंसान को true वेल्थ डिफाईन करते हैं, जो हैं टाईम एंड मोबाईलिटी. आज के डिजिटल युग में सिर्फ पैसे ही नहीं वेल्थ नहीं रहें बल्कि पैसा, समय व कभी भी कहीं कहीं भी जाने की आजादी आपको को अमीर बनाती हैं. मान लो दो आदमी है. एक लिया व दूसरे इथर. लिया एक बड़ी कंपनी में जॉब करता हैं जहां उसे हर महीनें 90 हजार रूपये मिलते है. जबकि दूसरी तरफ इथर एक ऑनलाईन बिजनेस स्टार्ट कर महीने के 60 रूपये कमा रहा है. अगर हमे पूछे की दोनो में ज्यादा कौन कमाता हैं. तो सभी कहेंगे कि लिया ज्यादा कमाते है. यह तब तक सहीं हैं जब तक हम उनकी सिलियुटली इनकम को कमपरेटिव करें, पर क्योंकि हर चीज एक्चुअल होती हैं ना की एबसलुटली. इसलिए अब इन दोनों की रिलेटिव इनकम पर बात करें तो लिया हफ्ते की 50 घंटे काम करता है, लेकिन दूसरी तरफ इथर बस 15 घंटे काम करता है. जिसके हिसाब से कैलकुलेट करें तो लिया को हर घंटे के लिए 450 रूपये मिलते हैं, जबकि इथर को हर घंटे के लिए 1000 मिलते हैं. अब सोचो कौन ज्यादा कमा रहा है.

The 4 hour work week book summary in hindi: हमारा टाइम हमारे लाइफ की सबसे कीमती चीज होती है. जिससे रिलेट करके देखे तो यहां इथर ज्यादा अमीर हैं. क्योंकि वो लिया से 35 घंटे कम काम करता है. इस समय में नये स्किल सीखकर बिजनेस में डवलप कर सकता है. और फैमिली, फ्रेंड व स्वास्थ्य को समय दे सकता है. जिससे उसकी जीवन में हैप्पीनेस लेवल भी बढ़ेगा. जबकि लिया के लिए ये सारे चीजे करना मुश्किल होगा. क्योंकि उसके पास बहुत कम समय होगा.

एक कांसेप्ट हैं जिसे जियो अर्बेट्रेज कहते है. दो मार्केट के बीच के इकॉनोमिक का फायदा उठाना. महंगे से महंगे शहरो से कमाकर सस्ती से सस्ती जगह पर रहना, क्योंकि लिया महंगे शहर में लोकेटेड एक कॉरपोरेट कंपनी में काम करता है. जहां उसे हर रोज आना जाना पड़ेगा. इसलिए उसका घर  अपनी ऑफिस के आसपास होना बहुत जरूरी है. जबकि दूसरी ओर इथर ऑनलाईन बिजनेस करता हैं इसलिए वो अपना काम कर कहीं से भी कर सकता है. जिसके लिए उसे बस एक लैपटॉप और इंटरनेट चाहिए. दूसरी तरफ क्योंकि लिया को हर रोज ऑफिस जाना पड़ता है. इसलिए उसके आने जाने का खर्चा, खाने पीने का खर्चा और ऑफिस के पास घर लेकर रहने का खर्चा उसे बहुत महंगा पड़ता है. क्योंकि वे और उसकी कंपनी दोनों शहर में लोकेटेड है. जिसके कारण लिया ज्यादा कमाकर भी सेविंग नहीं कर पाता है. जबकि दूसरी तरफ इथर पूरी दुनिया में कहीं भी रहकर ऑनलाईन काम कर सकता है. इसलिए अमेरिकन डॉलर में कमाता हैं और पाली इंडोनेशिया में रहता है. जहां उसके खर्च बहुत ही कम होते है.

The 4 hour work week book summary in hindi: इंटरनेट से ऑटोमैटिक इनकम कमाने के बहुत सारे तरीके है. पहला खुद का कुछ प्रोडक्ट या कंटटेंट बनाकर इंटरनेट में बेचना, दूसरा अपने प्रोडक्ट का एडियाज लाइसेंस कराकर उससे राजस्व जेनरेट करना और तीसरा चीजो को रिसेल करना. रिसेलर बनना हैं तो सबसे पहले कुछ प्रोडक्ट खरीदना पड़ेगा, जो किसी भी होलसेल वेबसाईट जैसे अलीबाबा व कोई मैन्यूफैक्चरर से डायरेक्ट खरीद सकते है. इसके बाद प्रोडक्ट को बेटर बनाकर बेचो. जितना बोल दिया उतना ही में काम नहीं होगा. पहले आपको बहुत सी चीजें सीखनी पड़ेगी. लेकिन एक बार आपको पूरी सिस्टम समझ में आ गयी तो आप सारे काम को आउटसोर्स करके ऑटोमेटेड इनकम अर्न कर सकते है. काम को आउटसोर्स करने का आईडिया पहले मुझे भी समझ में नहीं आता था. जब भी मैं लोगों को देखता तो हर छोटे-मोटे काम के लिए किसी दूसरे इंसान को रखते है. जैसे की गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवर, घर में काम करने के लिए नौकर और मुझे लगता हैं कि यह सब शॉफ करने के लिए करते है. और वह खुद लेजी होते होंगे. जो छोटे-मोटे काम भी खुद से नहीं कर सकते. लेकिन फिर धीरे-धीरे मुझे रियालाईज होने लगा कि रिच लोग नौकर रखते हैं अपना टाइम बचाने के लिए, उन्हें अपने टाइम की वैल्यू पता होती है. उसे पता होता हैं कि जितना समय ड्राइविंग व छोटे मोटे कामो में लगायेंगे उतने ही टाईम में अपना काम कंपलिट करके वो सारे नौकरो के पगार से भी ज्यादा कमा सकते है. इसलिए आपको भी हमेशा वहीं काम करना चाहिए जो बस आप कर सकते हो और जिसमें आप एक्सपर्ट हो. बाकी सारे काम आपको आउटसोर्स कर देना चाहिए.

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एक गरीब मछुआरा समुद्र में मछलियां पकड़ने का काम करता था. वह अपनी गरीबी के लिए अपने हालात को कोसता रहता था. एक दिन उसके शहर में अमीर आदमी को व्यापार में बड़ा नुकसान हो गया, जिसके चलते उसे अपना सब कुछ बेचना पड़ा. ये जानकर वह गरीब मछुआरा मन ही मन बहुत खुश हुआ कि अब इसे पता चलेगा कि गरीबी क्या चीज होती है. वो अमीर आदमी गरीब मछुवारा के घर के पास ही एक छोटे से घर पर किराये पर रहने लगा. वे दोनो सुबह उठकर मछलियां पकड़ने जाने लगे. एक दिन उन दोनो को बहुत सारी मछलियां मिली. जिसे बेचकर उनदोनो को काफी पैसे मिले. अब वो जो पहले अमीर आदमी था उसने उतने ही पैसे खर्च किये जितने उसे आवश्यकता थी. बाकी पैसे उसे बचाये. वहीं दूसरी तरह गरीब मछुवारा ने सारे पैसे अपने शौक पूरा करने में खर्च कर दिये. अगले दिन वो गरीब मछुवारा अकेले ही मछली पकड़ने जाता है. जबकि अमीर आदमी अपने बचाये पैसे से दो और लोगो को अपने साथ काम पर ले जाता है. अब ये तीन लोग मछलियां पकड़ रहे थे, वहीं गरीब मछुवारा पहले की तरह अकेले मछलियां पकड़ रहा था. इन तीनो ने मिलकर उस अकेले गरीब मछुवारा से कई गुना ज्यादा मछलियां पकड़ी. उस अमीर आदमी ने इस बार भी वहीं किया जितना जरूरत थी उतना खर्च किया. और बाकी बचे पैसे बचाया. धीरे-धीरे वो अमीर आदमी बहुत सारे लोगो को अपने काम में रखा. और देखते ही देखते मछलियों का बहुत बड़ा अमीर व्यापारी बन गया. जबकि वो गरीब मछुवारा गरीब का गरीब ही रह गया. क्योंकि उसने पहले अपने आप को पे नहीं किया. पे योरसेल्फ फस्ट का मतलब हैं कि जितना भी आप कमाते हैं उसका कम से कम दस प्रतिशत हिस्सा सेव करों बाकी का 90 प्रतिशत से ही अपनी जरूरते पूरी करना सीखो.

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The 4 hour work week book summary in hindi: ज्यादातर लोग पार्किसन्स लॉ का शिकार होते हैं यानि जैसे जैसे उनकी इनकम बढ़ती हैं वैसे उनका शौक और खर्चे भी बढ़ने लगते हैं. इसलिए कुछ भी उन बचे हुए पैसे को तब तक खर्च मत करो जब तक उसे निवेश करने का सहीं मौका ना मिले. सार्कटैंक के होस्ट डायमन जॉन कहते हैं कि एक दिन 24 साल का लड़का मेरे पास आया और जब उससे पूछा कि क्या मुझे पेंटिंग को लेकर कुछ नया सीखा सकते हो. डायमन ने बोला उसके बारे कोई नॉलेज नहीं है. इसलिए मैं तुम्हें एडवाइज नहीं दे पाऊंगा. इस पर उस लड़के ने बोला ठीक हैं कोई बात नहीं और थोड़ी देर में वहां एक गाड़ी रोकी. जिसमें उस लड़के का ड्राईवर था. यह देख डायमन जॉन काफी हैरान रह गये. और उसने उस लड़के से कहां कि तुम्हारी लाईफ ठीक ही चल रही है. पर वैसे तुम करते क्या हों तब उस लड़के ने कहा कि मैं एक आर्टिस्ट हुं. मैने यूट्यूब पर वन मिलियन से भी ज्यादा फ्लोवर्स है. जहां हर संडे में लाइव पेंटिंग बनाता हुं. और उस पेंटिंग को टी-शर्ट पर डिजाइन प्रिंट कराकर सिर्फ एक दिन के लिए बेचता हुं. जिससे मैं गाड़ी खरीदता हुं. टी-शर्ट का प्राईस एक हजार से चार हजार रखता हुं. पिछले साल हमने करीब दस करोड़ का बिजनेस किया था. पेंटिंग बनाना मेरा स्ट्रेंथ है. इसके अलावे मुझे कोई काम नहीं आता. इसलिए हमेशा स्ट्रेंथ को साफ करने के लिए लोगो से फिडबैक लेकर सीखता हुं.

एक बात पक्की हैं कि आप हर चीज में एक्सपर्ट नहीं हो सकते. अगर आप दुनिया के सबसे अमीर लोगो को देखो तो हमेशा यहीं होता है कि किसी एक चीजो में सबसे बेस्ट होता है. मिडिल लोग ये मानते हैं कि फॉर्मल डिग्री से ही अमीर बना जा सकता है वही अमीर लोग ये मानते हैं कि स्पेसिफिक नॉलेज से ही अमीर बना जा सकता है. कई अमीर लोग पढ़े-लिखे नहीं होते, लेकिन उन्होंने अपनी दौलत कुछ खास नॉलेज को सीख कर बनायी होती हैं. अमीर लोग का सबसे सीक्रेट यह है कि वह किसी भी प्रॉब्लम का सलूशन फाइंड करने के लिए अपने कॉमन सेंस का इस्तेमाल करते हैं. जिससे वह कुछ ऐसा सोच पाते हैं जो पीएचडी किए हुए भी कभी सोच नहीं पाते. अमीर लोग सोचते हैं कि प्रॉब्लम सॉल्व करो और पैसे कमाओ, यह रिपीट करते जाओ जब तक आप अमीर ना हो जाओ.  यही फोकस उन्हें एक दिन अमीर बना देता है. जिसे मिडिल क्लास लक नाम देते हैं. जब आम लोगों को अमीर होना होता है तो वो मास्टर और पीएचडी करते हैं, लेकिन सबसे एफिशिएंट तरीका ये है कि वो प्रॉब्लम सॉल्व करना सीखना जो और कोई अभी तक नहीं कर पाया. जितना बड़ा प्रॉब्लम सॉल्व करोगे आपको उतना ही इनकम होगी.

The 4 hour work week book summary in hindi

अमीर लोग सेल्फ स्टडी पर विश्वास करते हैं. उन्हें बुक पढ़ना और दूसरों से सीखना पसंद होता है. इसलिए जिम रोन कहते हैं कि फॉर्मल एजुकेशन सिर्फ आपका घर चला सकती है. लेकिन सेल्फ एजुकेशन आपकी किस्मत बदल सकती हैं.

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इस तरह The 4 hour work week book में सभी चारो प्वाइंट से ये पता चलता है कि पहला रिच आदमी अपना समान किसी को भी बेचने के लिए नहीं निकलता, वो अपने आप को पूछता हैं कि मेरे पैसे किसके पास है. उसी ऑडिएंस को टारगेट करता हैं. दूसरी बात एक आदमी इंटरनेट से जियो आर्बेटिज का फायदा उठाकर पैसे कमाता है. तीसरा अमीर मछुवारा से हमने देखा कि अपने इनकम का कम से कम दसवां हिस्सा सेव कर फिर उसे अपने ही बिजनेस में निवेश करों व चौथा यूट्यूबर आर्टिस्ट से सीखा कि किसी एक स्ट्रेंथ पर फोकस करके अपने आप को किसी फिल्ड में अपने आप को यूनिक बनाकर पैसे कमा सकता है.

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