PLI Scheme in hindi

भारत सरकार के पीएलआई स्कीम को चीनी स्मार्टफोन कंपनियां ने कमर तोड़ दी। आइए इसे देखते हैं। सरकार ने एक स्कीम लाई थी जिसका नाम है PLI Scheme जिस का फुल फॉर्म है प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम। इन कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में लेकर आया गया था। इसमें यह कहा गया था कि कोई भी इलेट्रॉनिक कंपनी अगर भारत में आती है और प्रोडक्शन करती है, जितना ज्यादा उसे प्रोडक्शन दिया जाएगा, तो सरकार उसे कुछ इंसेंटिव देगी। जितने भी कंपनियां आएंगे वह सरकार को टैक्स देंगे जिस वजह से सरकार को फायदा होगा।और जितना ज्यादा कंपनियां प्रोडक्शन करेंगे तो उनके प्रोडक्शन करने पर उन्हें सरकार इंसेंटिव देगी।

शुरुआत में इस स्कीम का बहुत ज्यादा रिजल्ट नहीं देखने को मिला था।लेकिन आज इसके बहुत अच्छी रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। 5G क्षेत्र में इसके रिजल्ट देखने को मिल रहे हैं। यह एक नई टेक्नोलॉजी है। हुवावे और जेटीपी कंपनी से पूरी दुनिया परेशान थी। इन कंपनियों के प्रोडक्ट इतने सस्ते और इतना एडवांस होते थे, कि लोग इन्हें बहुत आसानी से खरीद लेते थे। लेकिन कोरोना की वजह से चीनी लोगों पर जो हमारे लोगों का विश्वास था वह कम हो गया है।

हुआवेई कंपनी पर अमेरिका ने बैन लगा दिया है। क्योंकि यह उन लोगों के डाटा चुरा रहे हैं। नोकिया ने भारत में 5G का प्रोडक्शन चालू कर दिया है। भारत से पहली बार इसका निर्यात भी होने लगा है। इस PLI Scheme से नोकिया को बहुत ज्यादा फायदा हुआ है।इस PLI Scheme का फायदा उठाने के लिए सबसे आगे जिओ कंपनी निकल रहा है। जिओ कंपनी इस पर बहुत तेजी से इन्वेस्ट करने जा रही है। इसकी टेक्नोलॉजी बहुत ही बेहतरीन और सस्ती होगी। जिओ के अलावा इसमें टाटा कंपनी भी एंट्री ले रहा है। भारत से अब चार कंपनियां 5G का प्रोडक्शन करने जा रही हैं। जिओ नोकिआ टाटा और इरिक्सन। इस PLI Scheme ने चाइना के होश उड़ा दिए हैं। स्मार्टफोन चारजर का एक बहुत बड़ा मार्केट है। अगर भारत थोड़ी सी इसमें एनर्जी दिखाता है, तो 50% पूरी दुनिया का मार्केट कैप्चर कर लेगा।

चाइना को सबसे बड़ा झटका सैमसंग कंपनी ने दिया। सैमसंग पूरी तरह से भारत में काम करने लगा है। सैमसंग ने भारत में 5000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया है।स्मार्टफोन के डिस्प्ले के लिए इन्वेस्टमेंट किया है। यह डिस्प्ले सिर्फ सैमसंग के लिए नहीं है बल्कि आईफोन के लिए भी है। आने वाले दो-तीन सालों में हमारा स्मार्टफोन 60 से 70% मेड इन इंडिया हो जाएगा। इसका यह फायदा होगा कि विदेशी कंपनियां भी भारत को अपना आर्डर देंगी। इस वजह से रोजगार भी भारत में बढ़ने वाला है।स्टैंडर्ड को यूपी के नोएडा में शिफ्ट किया जा रहा है। PLI Scheme का सबसे बड़ा ड्रॉ बैक है लैपटॉप को इसमें शामिल नहीं किया गया है। क्योंकि पूरी दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट चाइना ने कब्जा किया हुआ है लैपटॉप का। जिस तरह से भारत ने मोबाइल हमको चाइना से धीरे-धीरे इंडिया में शिफ्ट कर लिया उसी तरह से लैपटॉप के लिए भी भारत को काम करना चाहिए। पीसीबी का फुल फॉर्म होता है प्रिंटेड सर्किट बोर्ड। पीसीबी ज्यादातर ताइवान कोरिया और चाइना में बनाए जाते हैं जापान में बनाए जाते हैं। लेकिन अब इसका बहुत बड़ा प्लांट हमारे भारत में लगाया जा रहा है। जैसे ही पीसीबी लग जाएगा तो इलेक्ट्रॉनिक के पार्ट्स यही बनने लगेंगे।

यह किसी भी इलेक्ट्रॉनिक का ब्रेन है। इसमें भी भारत धीरे-धीरे आत्मनिर्भर हो जाएगा। डीलिंग कंपनी में राउटर बनाए जाते हैं। जिससे पूरी जगह वाईफाई कनेक्शन भेजा जाता है। इस कंपनी को अब भारत में भी शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद के द्वारा पीएलआई स्कीम लांच किया गया है। उन्होंने इसमें यह बताया कि 11.5 लाख करोड़ का प्रोडक्शन हो सकता है हमारे देश में। सभी कंपनियां अब भारत की तरफ अग्रसर हो रहे हैं और अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रहे हैं।इसमें जितने भी कंपनी है, जो इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स बनाते हैं उन्हें 4 से 6 परसेंट इंसेंटिव दिया जाएगा। बाहर की कंपनी को यह बोला गया है कि जो भी मोबाइल फोन आप भेजते हो उसकी कीमत 15000 से ऊपर की हो उस मोबाइल फोन को बनाने में जो भी कीमत हो उस पर 6 परसेंट का इंसेंटिव दिया जाएगा। हमारे देश की कंपनियां 200 करोड़ तक का फायदा उठा सकते हैं। जितने भी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है जो भारत में रजिस्टर है वह इस स्कीम का फायदा ले सकते हैं। सरकार PLI Scheme साल तक देगी। इसका पूरा पैकेज 5 साल का 40951 करोड़ का है। और इस पर जो इंसेंटिव मिलेगा उसकी कीमत होगी 5334 करोड़। सेकंड ईयर में आठ हजार करोड़ बढ़ाया जाएगा। फोर्थ ईयर में सबसे ज्यादा इंसेंटिव दिया जाएगा लगभग 11488 करोड। और पांचवे साल में सरकार सात हजार करोड़ की बेनिफिट देगी।

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