Our Solar System in hindi

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पहले नौ ग्रह थे, अब वर्तमान समय में ग्रहों की कुल संख्या आठ है। प्लूटो को गृह की श्रेणी से निकाल दिया गया। सबसे पहला ग्रह बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल। बाह्य ग्रहों के पास उपग्रह अधिक मात्रा में होते हैं। सबसे ज्यादा उपग्रह जुपिटर के पास होता है। आंतरिक ग्रह बहुत ज्यादा स्ट्रांग होते हैं। जिन ग्रहों पर जीवन की संभावना होती है, उसे गोल्डी लॉक जोन कहते हैं। आंतरिक प्लेनेट और बाह्य प्लेनेट को छुद्र ग्रह अलग करते हैं। डबल स्टार लिलीटन ने दिया था। इन्हें इंग्लिश में कहते हैं एस्ट्रोराइड।सौर-मंडल 4.5 अरब साल पुराना है, ये सूर्य की सीमा को दर्शाता है, जहां तक सूर्य की ग्रेविटी है, वहां तक हम सौर मंडल की सीमा को मानते हैं। भूगोलवेताओ का मानना है कि एक बहुत बड़ा ग्रह है जो ब्लास्ट होने के बाद छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट गया उसे ही छुद्र ग्रह कहते हैं। आंतरिक प्लेनेट साइज में छोटे होते हैं, और यह सॉलिड होते हैं जिस पर हम खड़े हो सकते हैं। बाह्य प्लेनेट साइज में बड़े होते हैं, लेकिन यह सॉलिड नहीं होते हैं इस पर हम खड़े नहीं हो सकते। इनके पास उपग्रह बहुत ज्यादा हैं। आंतरिक ग्रह पृथ्वी के समानता करते हैं, इसलिए इन्हें पृथ्वी के जैसा ग्रह कहा जाता है, मतलब पार्थिव ग्रह के नाम से जाना जाता है। बाह्य ग्रह जूपिटर से समानता रखते हैं, इसलिए इसे जोवियन प्लैनेट्स के नाम से जाना जाता है। हमारा सौर मंडल बहुत बड़ा है जिसमें 1 सूर्य, 8 ग्रह, 5 बौने ग्रह, 181 चंद्रमा, 555,300 उल्कापिंड और करीब 3 हजार धूमकेतु हैं। इन सभी चीज़े सूर्ये की ग्रेविटी के कारण बंधी हुई हैं और इसी की परिक्रमा करती हैं। आमतौर पर ग्रह ही सूर्य की परिक्रमा करते हैं।



सूर्य से दूरी के हिसाब से ग्रहों के नाम बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण। पृथ्वी से दूरी के हिसाब से ग्रहों के नाम हैं, शुक्र,मंगल,बुध, बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण। बड़े ग्रहों की साइज है बृहस्पति, शनि अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल, बुध। शुक्र और अरुण उल्टा घूमने वाले ग्रह हैं।रात में आकाश में आप देखें जो चंद्रमा के बाद जो सबसे ज्यादा चमकने वाला कोई आकाशिये पिंड है तो वह शुक्र ग्रह ही है। इसका परिक्रमा पथ 108,200,000 किलोमीटर लम्बा है। इसका व्यास 12,103 किलोमीटर है। शुक्र सौर मंडल का सबसे गरम ग्रह है। सारे ग्रह पश्चिम से पूर्व की ओर घूमते हैं, इसलिए प्रत्येक ग्रह पर सनराइज पूर्व दिशा में होता है। लेकिन शुक्र और अरुण पूरब से पश्चिम की ओर घूमते हैं इसलिए इन पर सनराइज पश्चिम दिशा में होता है। सूरज का टेंपरेचर मीडियम है इसलिए यह रेड कलर का होता है। बुध और शुक्र के उपग्रह नहीं होते हैं। उपग्रह वह आकाशीय पिंड होता है, जिसका साइज ग्रह से छोटा होता है। ग्रह बड़े होते हैं इसलिए वे सूरज का चक्कर लगाते हैं, लेकिन उपग्रह अपने ग्रहों का चक्कर लगाते हैं, क्योंकि वह साइज में छोटे होते हैं। ग्रह और उपग्रह दोनों के पास में लाइट होती है ना उसमें होती है। मंगल ग्रह के पास उपग्रहों की संख्या 2 है। सबसे ज्यादा 73 उपग्रह बृहस्पति के पास है। बुध पर थोड़ी बहुत मात्रा में ऑक्सीजन है, इसका टेंपरेचर दिन में 304 डिग्री सेल्सियस और रात में माइनस 180 डिग्री होता है। यह ग्रह सबसे ज्यादा गर्म नहीं है क्योंकि इसका अपना खुद का वायुमंडल नहीं है।



इसका नाम रोम के देवता के नाम पर रखा हुआ है मरकरी। शुक्र ग्रह पर CO2 ज्यादा पाया जाता है, जो गर्मी को रोक लेता है। इसे बहुत ज्यादा प्रेशर वाला ग्रह कहा जाता है। बुध और शुक्र को भोर का तारा और सांस का तारा कहते हैं क्योंकि सूर्य से आने वाली रोशनी जब पृथ्वी पर पड़ती है तो उसके साथ साथ में दोनों ग्रहों पर पड़ती है, तो दोनों ग्रहों के कुछ भाग चमकने लगते हैं, इसलिए इसे तारे के रूप में देखा जाता है।भोर में और शाम में सूरज की रोशनी कम होने लगती है, तो इनका चमकीला भाग दिखाई देने लगता है इसलिए इन्हें भोर का तारा, सांझ का तारा कहते हैं। पृथ्वी के उपग्रह का नाम है चंद्रमा। मंगल ग्रह को लाल ग्रह कहते हैं, क्योंकि इसमें आयरन ऑक्साइड की मात्रा ज्यादा है। इसके 2 उपग्रह हैं फोबोस और डीमोस। पूरे सौरमंडल में सबसे छोटा उपग्रह डीमोस है। पूरे सौरमंडल का सबसे बड़ा उपग्रह गेनीमेड है, यह उपग्रह बृहस्पति के पास है। बृहस्पति को वैक्यूम क्लीनर ग्रह कहते हैं। बृहस्पति के बाद 73 उपग्रह है, लेकिन वर्तमान में 16 ग्रहों को मान्यता प्राप्त है। शनि के पास 62 उपग्रह है, और 21 उपग्रहों को मान्यता प्राप्त है। सनी एक ऐसा ग्रह है जिसके चारों तरफ उसके टुकड़े धूल कर घूमते रहते हैं।

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यह एक छल्ले की तरह दिखते हैं। इन छल्लो की संख्या सात है। इसमें 21 उपग्रहों में से सबसे प्रसिद्ध उपग्रह टाइटन है। शनि ग्रह की डेंसिटी सबसे कम है। अरुण को लेटा हुआ ग्रह कहते हैं, इसके चारों तरफ मिथेन पाया जाता है। इसकी खोज बहुत ही बाद में हुई थी, इसलिए इसे आधुनिक ग्रह कहते हैं। सबसे दूर वाला ग्रह है वरुण, जो ठंडा ग्रह है। सबसे जल्दी परिक्रमण बुध ग्रह करता है, यह 88 दिन में सूर्य का कंप्लीट चक्कर लगा लेता है। शुक्र ग्रह सबसे गर्म ग्रह है और यह सूर्य का चक्कर 243 दिन में लगाता है। पृथ्वी सूर्य का चक्कर 24 घंटे में लगा देती है। वरुण सबसे देर में सूर्य का चक्कर लगाता है। बृहस्पति अपने अक्ष पर सबसे जल्दी घूर्णन करता है। अपने अक्ष पर सबसे धीमा घूमने वाला ग्रह शुक्र है।

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