अब नहीं छपेगी मंत्रालय या विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के कैलेंडर, डायरी व अन्य सामग्री

Digital India new project in hindi

डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है. सरकार ने मंत्रालय या विभाग एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कैलेंडर, डायरी व ग्रीटिंग कार्ड की भौतिक रूप में छपाई पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह सामग्रियां इस साल से डिजिटलीयकरण होगी. इस प्रकार की सभी चीजें डिजिटल व ऑनलाईन होंगी. वित्त मंत्रालय ने छपाई से जुड़ी गतिविधियों से संबंधित आर्थिक निर्देश को लेकर कार्यालय ज्ञापन में कॉफी टेबल बुक की छपाई पर पाबंदी लगायी गयी है. इसमें ई-बुक को प्रोत्साहित करने की बात कही गयी हैं. योजना, समय-निर्धारण एवं पूर्वानुमान के लिए तकनीकी नवप्रवर्तन का उपयोग करना किफायती, कुशल एंव प्रभावी हैं इसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग ने कहा कि कोई भी मंत्रालय या विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एवं सरकार की अन्य सभी इकाइयां आने वाले वर्ष में उपयोग के लिए दीवार कैलेंडर, डेस्कटॉप कैलेंडर, डायरी एवं ऐसी अन्य सामग्री की छपाई पर प्रतिबंध लगायी हैं. सरकार ने जारी आदेश में कहा हैं कि दुनिया तेजी से डिजिटल को अपना रही है. इसी कडी में भारत सरकार ने भी इस तरह के बेस्ट प्रैक्टिक को अपनाने का फैसला किया है. इससे जन जागरूकता फैलेगी. साथ ही विभाग की फिजूल खर्च पर काबू पाने के लिए यह निर्णय लिया गया है. पर्यावरण को मदद मिलेगी तो जैव विविधता को लाभ मिलेगा. बारिश अच्छी होगी जिससे किसानो को अच्छी उपज करेगा.

Weekend Touch
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डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है मकसद


कोरोना काल में सरकार अपने खर्चों में कटौती करने में लगी है. साथ ही डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने यह फैसला लिया है. इस समय हर कोई डिजिटल को अपना रहा है, जिस वजह से तमाम मंत्रालयों में सरकारी विभागों में डायरी, ग्रीटिंग कार्ड, कॉफी टेबल बुक, कैलेंडर को डिजिटल किया जाएगा. एक कार्यक्रम दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में टाटा ग्रुप के चेयरमैन साइरस मिस्त्री, आरआईएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी आदि जैसे दिग्गज उद्योगपतियों की उपस्थिति में 1 जुलाई 2015 को डिजिटल इंडिया अभियान के नाम से शुरू किया गया. यह अभियान इंटरनेट के माध्यम से देश में क्रांति लाना है, साथ ही इंटरनेट को सशक्त करके भारत के तकनीकी पक्ष को मजबूत करना है. डिजिटलीयकरण से पर्यावरण में बेहतर प्रभाव पड़ता हैं.

भारत तेजी से बढ़ रही है डिजिटल की ओर


डिजिटल इंडिया अभियान के बाद देश में तेजी से डिजिटल की ओर बढ़ रही है. वर्तमान में दुनिया उत्पादकता के लिए बड़ी तेजी से डिजिटल साधनों को अपनाने की ओर बढ़ रही है. छोटे गांव व सुदूरवर्ती क्षेत्र में रहने वाले बेहद सामान्य लोगो की तरह अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाकर खबर देखते हैं. साथ ही पैसों का लेनदेन एवं सामानों की खरीदारी करते हैं. इस तरह ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी डिजिटल इंडिया में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही है. मौजूदा परिस्थितियों में हर क्षेत्र में प्रगति व रोजगार के लिए डिजिटल को अपनाना पड़ेगा. कोरोना काल मे ज्यादा से ज्यादा लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर समय बिताया. कोई भी घटना या सूचना वेबसाइट, ट्विटर, फ़ेसबुक, वाट्सअप, इंस्टाग्राम जैसे कई प्लेटफॉर्म से जल्द प्राप्त कर लेते हैं. पूर्व में लोगो को कोई भी सूचना या घटना की जानकारी के लिए एक दिन का इंतजार करना पड़ता था. वर्तमान में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री कोई भी ट्वीट करते हैं तो आम लोगो को तुरंत पता चल जाता है.

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मैकेंजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था में वर्ष 2025 तक छह से साढ़े छह करोड़ रोजगार अवसर पैदा होंगे, वहीं इसकी वजह से संकट में आयी करीब चार से साढ़े चार करोड़ परंपरागत नौकरियां समाप्त हो जाएंगी. लेकिन डिजिटलीकरण से करीब दो करोड़ से अधिक नई नौकरियां निर्मित होंगी. दुनियाभर में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते कई क्षेत्रों में रोजगार तेजी से खत्म हो रहे हैं. वहीं कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां रोजगार की भरमार आने वाली है. डिजिटल मार्केटिंग ऐसा ही क्षेत्र है, जिसमें इंटरनेट, मोबाइल फोन तथा गेम कंसोल जैसे डिजिटल माध्यम के जरिये विभिन्न उत्पादों के प्रचार से है.

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