BSF New Order full details in hindi

BSF  के अधिकार क्षेत्र में परिवर्तन

भारत सरकार ने आतंकवाद और सीमा क्षेत्र में हो रहे आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से BSF के अधिकार क्षेत्र को बढ़ा दिया है.

रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया के मुताबिक काफी समय से BSF ने इस बदलाव की मांग की थी.

पहले BSF के पास केवल बॉर्डर से 15 Km तक की कार्रवाई करने का अधिकार मिला हुआ था.

इसका फायदा सीमा पार से घुसपैठ करने वाले लोग और दलाल ले रहे थे. भारत के सीमा से सटे राज्य इससे काफी त्रस्त थे.

घुसपैठिया दलालों की मदद से रात का फायदा उठाकर सीमा से काफी दूर निकल जाते और सुबह तक आम जनता के बीच पहुँच जाते थे.  

इस कारण BSF इनका कुछ भी नहीं कर पाती थी अब ऐसा करने की सोच पर भी भारत सरकार ने लगाम लगा दी है.

फिर भी हमारे देश के कुछ राज्यों में विशेषकर पंजाब और पश्चिम बंगाल में इस परिवर्तन का विरोध किया जा रहा है.

तो आइए समझते हैं BSF के अधिकार और इन राज्यों की स्थिति को

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BSF क्या है?

इसके अधिकार क्षेत्र में क्या परिवर्तन किया गया?

BSF: Border Security Force सीमा सुरक्षा बल  

यह भारत का सबसे प्रमुख अर्धसैनिक बल है. यह विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है.

इसकी स्थापना 1 दिसंबर 1965 को की गई थी. इसका मुख्य कार्य भारत के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नजर रखना है. यह भारत की सीमाओं की रक्षा और अपराध को रोकने का काम करता है.

हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसके अधिकार क्षेत्र में बदलाव किया है.

उनका यह बदलाव BSF Act 1968 की धारा 139(1) के तहत किया गया.

BSF के अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर 50 Km तक कर दिया गया है.

इससे पहले यह दायरा बॉर्डर से 15 Km तक ही सीमित था.

BSF को पुलिस जैसे अधिकार दिए गए हैं.

BSF का सबसे निचला रैंक का अधिकारी भी बिना मजिस्ट्रेट के आदेश या वारंट के, CRPC के तहत किसी भी व्यक्ति को अरेस्ट कर सकता है. BSF को अपने कार्य क्षेत्र में Passport Act, NDPS Act और सीमा शुल्क जैसे केंद्रीय कानूनों के तहत तलाशी जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार है.

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भारत किन किन देशों के साथ अपनी सीमा साझा करता है?

कौन-कौन से राज्य इन विदेशी सीमा से सटे हुए हैं?

बांग्लादेश, पाकिस्तान, चीन, नेपाल, म्यांमार, भूटान और अफगानिस्तान भारत की सीमा से सटे हुए हैं.

Bangladesh:- 4096kM- West Bengal, Assam, Meghalaya, Tripura, Mizoram.

Pakistan:– 3323KM- Gujrat, Rajasthan, Punjab, J&K, Laddakh

China:- 3488KM- Laddakh, Uttarakhand, Himachal Pradesh, Sikkim, Arunachal Pradesh

Afghanistan:-  106KM- Laddakh

भारत के 12 राज्य विदेशों के साथ सीमा साझा करते हैं.

बंगाल की स्थिति

बांग्लादेश भारत के साथ 4096 Km की सीमा रेखा साझा करता है. जिसमें पश्चिम बंगाल बांग्लादेश के साथ 2216 Km की सीमा रेखा सटी हुई है. यहां बांग्लादेश से घुसपैठ एक बड़ी समस्या है.

बंगाल के 8 जिले बांग्लादेश के सीमा के साथ सटे हुए हैं जिनमें उत्तरी दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, बरसात, North 24 परगना, South 24 परगना.  

यहां पर दलाल, घुसपैठियों को सीमा पार कराने के लिए 1000 से ₹5000 लेकर सीमा पार करवा देते हैं.

BSF संदिग्ध व्यक्तियों को तो पकड़ तो रही थी लेकिन जब उन्हें स्थानीय पुलिस को सौंप देती तो राज्य पुलिस उस पर गंभीरता से एक्शन नहीं लेती थी. जिसके कारण यहां पर समस्या बढ़ती जा रही थी.

बंगाल में राज्य सरकार की तरफ से विरोध का कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया लेकिन बंगाल के परिवहन मंत्री फरहाद हकीम ने केंद्र के फैसले पर अपना विरोध जताया है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश के संघीय ढांचे में परिवर्तन कर गलत कर रही है. वहीं पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था केंद्र सरकार देखती है लेकिन वहां संघीय ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है.

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पंजाब की स्थिति और विरोध का कारण

पंजाब का भौगोलिक आंकड़ा देखने पर पता चलता है कि पंजाब की कुल भूमि 50362 वर्ग Km है. पंजाब का 600 Km का एरिया पाकिस्तान से सटा हुआ है.

BSF के 50 Km का दायरा बढ़ने से पंजाब का 25000 वर्ग Km क्षेत्र BSF के कंट्रोल में चला गया.

इसमें पंजाब के 7 बड़े जिले अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फिरोजपुर, फज़िल्ला, पठानकोट और जालंधर के कुछ क्षेत्र आ गए हैं.

क्योंकि BSF को पुलिस जैसे अधिकार दे दिया गया है तो इससे जनता और स्थानीय पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है.

दूसरा जो सबसे प्रमुख विरोध का कारण है वह है नशा.

यह पंजाब का एक ऐसा चुनावी मुद्दा है जो भावनात्मक रूप से पंजाबियों से जुड़ा हुआ है.

इस नशे के कारण पंजाब के कई घर तबाह हो चुके हैं.

हालांकि नशे के कारोबार पर सरकार की तरफ से कार्यवाही तो हुई है लेकिन पंजाब सरकार किसी भी बड़े चेहरे को सामने नहीं ला पाई.

पंजाब में नशे का सारा सामान पाकिस्तान से आता है. BSF का दायरा बढ़ने से इस कारोबार पर निश्चित रूप से रोक लगेगी. पंजाब में लोगों का नजरिया बदलेगा.

इसका सीधा असर चुनाव पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इससे पता चलता है यहाँ विरोध का मुख्य कारण राजनीतिक है.

निष्कर्ष

राजनीति से अलग हटकर देखा जाए तो BSF का अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ना पूरी तरीके से देश हित में है.

हालाँकि 2011 में जब कांग्रेस के मनमोहन सिंह की सरकार ने यही प्रस्ताव लाया था तो BJP ने इसका पुरजोर विरोध किया था.

अब इसका आने वाले भारतीय चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?

यह तो आगे आने वाले वक्त में देखने की बात है.

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