Biography of Nikola Tesla in hindi

0
(0)

Biography of Nikola Tesla in hindi

आप सोचते हैं कि मैं बहुत ज्यादा इंटेलिजेंट बन जाऊं साइंस में बहुत ज्यादा डिवेलप करूं कुछ पेटेंट मेरे नाम हो जाए तो मैं बहुत अमीर बन सकता हूं। क्या आपको निकोला टेस्ला के बारे में पता है निकोला टेस्ला के नाम पर 300 पेटेंट्स थे। और ये 9 भाषा बोल सकते थे आज इतने सालों के बाद भी जितनी भी मोटर्स चल रही हैं जितनी भी फैक्ट्री में काम हो रहा है निकोला टेस्ला के अविष्कार इंडक्शन मोटर की बदौलत है। हमारे घर में बिजली उन्हीं की डिस्कवरी से आई है लेकिन क्या आपको पता है कि 7 जनवरी 1943 में न्यूयॉर्कर होटल मैं काम करने वाली एक औरत ने होटल के रूम नंबर 3327 को खोली उसके अंदर उन्हें 86 साल के बूढ़े आदमी की लाश मिली और वह लाश निकोला टेस्ला के थी। जो उस होटल में पिछले 9 साल से रह रहे थे। निकोला के पास आखिरी दिनों में कोई पैसे नहीं थे और वह काफी टाइम से दूध और बिस्किट पीकर अपनी जान बचाते थे। और हर रोज उस खाने में से कुछ हिस्सा पास की कबूतरों को दे देते थे।


आप लोग यह सोच रहे होंगे कि निकोला टेस्ला के साथ ऐसा क्यों हुआ क्योंकि इन्होंने तो अपनी खुद की कंपनी टेस्ला इलेक्ट्रिक कार भी बनाई थी। यह स्टोरी इसी के ऊपर है।
टेस्ला का जन्म 10 जुलाई 1856 में स्मल्जन क्रोएशिया में हुआ था। टेस्ला के पिताजी एक पुजारी थे जबकि मां खेती का ख्याल रखती थी टेस्ला के दोनों पेरेंट्स एक अच्छी फैमिली में से थे। टेस्ला का एक बड़ा भाई था और तीन बहने थी. टेस्ला अपने बड़े भाई डेन साथ बहुत खुश होकर रहते थे। और उनके साथ पक्षी पकड़ते हैं, मछलियां पकड़ते और बाकी गेम्स खेलते थे। निकोला जब 7 साल के हुए तो उनके बड़े भाई डेन की घोड़े से गिरकर मौत हो गई निकोला अपनी बायोग्राफी में लिखते हैं, कि मैं इस घटना को कभी भुला नहीं पाया मुझे हमेशा अपने भाई की मौत का सीन याद आते रहता है उन्हें ऐसा लगता था, कि उनके पेरेंट्स उनके बड़े भाई से ज्यादा प्यार करते थे। और उनकी मौत के बाद वह टेस्ला को भूलने लगे थे। निकोला टेस्ला के पिताजी के सिटी ऑफ गोसपिक में और यहां पर टेस्ला की स्कूलिंग स्टार्ट हुई टेस्ला पढ़ाई में बहुत तेज थे। उन्होंने 9 से ज्यादा भाषाएं सीखें। वह हर एक सब्जेक्ट में ए प्लस ग्रेड लाते थे। सभी टीचर टेस्ला को बहुत इंटेंशन देते थे। जिस वजह से बाकी स्टूडेंट्स उनसे जुड़ने लगे थे। टेस्ला इतनी मेहनत करते थे कि उनहोंने 4 साल की स्कूलिंग 3 साल में कंप्लीट कर ली थी। स्कूलिंग के बाद जब टेस्ला घर पहुंचे तो उन्हें कॉलरा नाम की बीमारी हो गई जिससे उनकी मरने वाली हालत हो गई। टेस्ला के फादर को लगा कि वह मर सकते हैं, इसलिए उन्होंने टेस्ला से कहा कि तुम जो बनना चाहो वह बन सकते हो और मैं तुम्हें पुजारी बनने के लिए मजबूर नहीं करूंगा। और लकिली टेस्ला कॉलरा से रिकवर हो गया, और उन्होंने ऑस्ट्रिया में पॉलिटेक्निक ज्वाइन कर ली पॉलिटेक्निक में टेस्ला के साथ एक लाइफ चेंजिंग इवेंट हुआ। फिजिक्स की क्लास में उनके प्रोफेसर ने उन्हें डायनेमो दिखाया जो डायरेक्ट करंट से चलता था। जब एक तार में करंट से एक ही डायरेक्शन में जाते हैं तो उसे डायरेक्ट करंट बोला जाता है लेकिन उसी तार में जब इलेक्ट्रॉन आगे जाए फिर पीछे आए तो उसे अल्टरनेटिंग करंट बोला जाता है। उस फिजिक्स की क्लास में प्रोफेसर ने कहा सभी स्टूडेंट से यह देखो डायनेमो जो डायरेक्ट करंट से चलता है उस लाने प्रोफेसर से कहा कि अगर हम डायरेक्ट करंट की जगह अल्टरनेटिंग करंट प्रयोग करें तो यह ज्यादा एफिशिएंटली बनाया जा सकता है।

जिस पर प्रोफेसर को गुस्सा आ गया और उन्होंने उस डायनेमो में से कंपटेटर को हटा दिया जोकि एसी को डीसी में कन्वर्ट करता था। जिससे वह डायनेमो काम करना बंद कर दिया और प्रोफेसर ने कहा कि देखा यह अल्टरनेटिंग करंट से नहीं चलता है। इस घटना के बाद टेस्ला ने अपना लाइफ मिशन बना लिया अल्टरनेटिंग करंट से काम करने का और उनकी पूरी लाइफ की मैक्सिमम डिस्कवरी अल्टरनेटिंग करंट से रिलेटेड है अपने कॉलेज के फाइनल ईयर तक आते-आते टेस्ला स्टडी से बोर हो गए हैं, और उन्होंने जुआ ताश वगैरह खेलना शुरू कर दिया और कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया अपनी फादर की डेथ के बाद उन्होंने एक अमेरिकन टेलीफोन कंपनी में काम करना स्टार्ट किया जहां पर वह खंभों पर चढ़कर टेलीफोन लाइंस को ठीक करते थे। टेस्ला इमैजिनेशन में बहुत अच्छे थे। वे कहते थे कि पार्क में चलते-चलते भी वे पूरी मशीन इमेजिन कर लेते थे। उसका एक एक पार्ट कैसे घूमेगी कैसे काम करेगी। एक दिन उन्होंने पार्क में चलते चलते ही एक बहुत ही फेमस कांसेप्ट सोचा जो आजकल के हर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को पता है, जिससे ऐ सी मशीन चलती हैंवह था रोटेटिंग मैग्नेटिक फील्ड्स।उस टाइम थॉमस एडिसन भी अपने बिजनेसेस में काफी सक्सेसफुल हो चुके थे। उस वक्त एडिशन की कंपनी अमेरिका और पूरे यूरोप में अमीर लोगों के घरों में अपने डायरेक्ट करंट से लैंप लगवा दे थे। और रोशनी देते थे जिससे वह काफी ज्यादा पैसे कमा रहे थे। टेस्ला एडिशन को सेंट्रल स्टेशन के एक लेबोरेटरी मैं मिले और एडिसन ने टेस्ला से पूछा की उन्होंने कभी किसी इंसान को खाया है ऐसा एडिशन क्लास इसलिए पूछा क्योंकि जहां पर टेस्ला रहते थे उनके पास एक गांव में लोग बातें करते थे कि ड्रैकुला अभी भी जिंदा है उस समय एडिशनल टेस्ला को अपने कंपनी में नौकरी दे दी कृष्णा को एडिशन का काम करने का स्टाइल बहुत ही अजीब लगता था क्योंकि एडिशन हर प्रमुख टेशन कंबीनेशन लगाकर डिस्कवरीज करते थे।क्योंकि एडिशन हर पर मोटेशन कंबीनेशन लगाकर डिस्कवरीज करते थे। टेस्ला को लगता था कि यह सब टाइम वेस्टिंग है, क्योंकि, एक दो फिजिक्स के छोटे फार्मूला लगाकर एडिशन अपना काफी टाइम बचा सकते थे। उस वक्त टेस्ला एक successful AC मोटर बना और उन्होंने इस मोटर को एडिशन को बेचने की सोची लेकिन एडिशन को वो मोटर बिल्कुल पसंद नहीं आई।क्योंकि एडिशन हर पर मोटेशन कंबीनेशन लगाकर डिस्कवरीज करते थे। टेस्ला को लगता था कि यह सब टाइम वेस्टिंग है, क्योंकि, एक दो फिजिक्स के छोटे फार्मूला लगाकर एडिशन अपना काफी टाइम बचा सकते थे। उस वक्त टेस्ला एक successful AC मोटर बना चुके थे और उन्होंने इस मोटर को एडिशन को बेचने की सोची लेकिन एडिशन को वो मोटर बिल्कुल पसंद नहीं आई। और उन्होंने इस प्लान को रिजेक्ट कर दिया। एडिसन ने टेस्ला से कहां कि अगर वह उनके इक्विपमेंट्स को रीडिजाइन करके उन्हें ज्यादा efficient बना देंगे तो वे उन्हें 50,000 डालर देंगे। टेस्ला ने कुछ ही दिनों में एडिशन के इक्विपमेंट्स को रीडिजाइन किए और एडिशन से अपने $50000 मांगे जिस पर एडिशन ने हंसते हुए टेस्ला से कहा क्या यार यह एक अमेरिकन जोक था तुम तो बहुत नासमझ हो अब यहां से जाओ यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने जल्दी ही एडिशन की नौकरी छोड़ दी। टेस्ला के शराफत का दो बिजनेसमैन ने फिर से फायदा उठाया था। जिसका नाम रोबर्ट लेन्न और बी ए वैल थे। इन दोनों कि लाइटनिंग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी थी। इन दोनों businessman कहा किअगर टेस्ला इनकी लाइटिंग के प्रोजेक्ट में मदद करते हैं तो वो उनका नाम अपनी कंपनी के साथ जोड़ देंगे और उन्हें अपने कंपनी के शेयर्स भी देंगे। लेकिन टेस्ला ने उन्हें insist किया कि वो इस प्रोजेक्ट के बाद अपनी ए सी मोटर कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहते हैं।

जिस पर वे दोनों बिजनेसमैन मान गए। इस्लामी दिन रात मेहनत करके बहुत से गली में और फैक्ट्री में आर्क लाइट को इंस्टॉल कराया। उनके काम को मैगजीन मैं भी पब्लिस किया गया। लेकिन जैसे ही आर्क लाइटिंग का काम खत्म हुआ टेस्ला को कंपनी से निकाल दिया गया। बाद में कृष्णा के पास कुछ भी पैसे नहीं बचे। वे अपने मशीन को बनाने इतने बिजी हो जाते थे कि वे अपने फाइनेंसियल सिक्योरिटी को भूल जाते थे और अनफॉर्चूनेटली इन्हें गड्ढा खोदने का काम करना पड़ा। वहां पर काम करने वाले fork man ने देखा कि टेस्ला बहुत इंटेलिजेंट है। उसने अपनी कंपनी के चीफ इंजीनियर अल्फ्रेड बर से मिलवाया।ब्राउन ने लकी ली पिछला के आर्टिकल मैगजीन में पढ़े थे और वह टेस्ला से बहुत इंप्रेस हुए इसलिए उन्होंने टेस्ला को एक बैंकर से मिलने को कहा जिनका नाम चार्ल्स पेक है। ब्राउन ने कहा की अगर तुम पेक को इंप्रेस कर दोगे तो वह तुम्हें काम के लिए फंडिंग दे सकते हैं। उस समय एक अंडे को खड़ा करना एक बहुत ही बड़ी स्किल मानी जाती थी, और टेस्ला ने कुछ ऐसा ही किया टेस्ला ने एक ब्रांच का अंडा बनवाया और उसके आसपास अपने एसी सर्किट लगा दिए। जब उस एसी सर्किट ने रोटेटिंग मैग्नेटिक फील्ड प्रोड्यूस किया तो ब्रांच का अंडा घूमने लगा। और एकदम सीधा घूमता रहा। इससे पेक बहुत इंप्रेस हो गए। और टेस्ला ब्राउन और पिक तीनों मिलकर एक कंपनी खोली जिसे नाम दिया गया टेस्ला इलेक्ट्रिक कंपनी। अगले 15 सालों में टेस्ला ने बहुत सारे अविष्कार किए और बहुत काम पेटेंट करवाया। 1888 ईस्वी में टेस्ला ने एक स्पीच दी जिसका नाम था a न्यू अल्टरनेटिंग करंट मोटर। जिसमें उन्होंने पहली बार दुनिया को दिखाया की इलेक्ट्रिसिटी केवल लाइट के लिए नहीं बल्कि फैक्ट्री में मशीनों को चलाने के लिए भी प्रयोग की जा सकती हैं। यह लेक्चर बहुत ही फेमस हुआ वेस्टिंगहाउस के एक इन्वेंटर बहुत जल्दी टेस्ला से मिलने आए क्योंकि वह समझ गए थे कि टेस्ला बहुत बड़ी इन्वेंशन करने वाले हैं। वेस्टिंगहाउस ने टेस्ला को कहा की वह टेस्ला को $5000, 20000 डॉलर के स्टॉक ऑप्शन देंगे, और हर यूनिट एनर्जी प्रोड्यूस करने के लिए 2.5 डॉलर देंगे as a रॉयल्टी। टेस्ला और Westinghouse के इंजिनियर्स ने एसी मोटर के डिजाइन को इंप्रूव करने के लिए काम करना शुरू किया। अल्टेनेटिंग करंट कि तरक्की देखकर एडिसन को बहुत ज्यादा गुस्सा आया और एडिशन चाहते थे कि लोग उनकी कंपनी से डीसी इक्विपमेंट्स ले। इसलिए एडिसन ने एक चाल चली उन्होंने एक इलेक्ट्रिक चेयर बनाई जिससे लोगों को करंट देकर मरवाया जा सके इसके बाद उन्होंने विलियम कैमलार नाम के एक अपराधी को चुना ऐसे भी उस अपराधी को मौत की सजा होनी थी क्योंकि उसने अपनी वाइफ का मर्डर किया था इसलिए विलियम को इलेक्ट्रिक चेयर का यूज़ करके मारा गया इसमें अल्टरनेटिंग करंट यूज़ किया गया था पहले विलियम के मुंह से झाग निकले और उसके बाद उनकी बॉडी हार्ड हो गई सब उसकी मौत को देखकर हैरान हो गए उन सब लोगों को बताया गया की विलियम को मारने के लिए एसी का प्रयोग किया गया है इसलिए अल्टरनेटिंग करंट खराब है उसके बाद भी एडिशन नहीं रुके उन्होंने 24 कुत्तों को एसी से टॉर्चर किया एक घोड़े को और एक फीमेल हाथी को एसी करंट देकर मरवा दिया और उस पर एक शार्ट मूवी बनाई गई और सब को दिखाया गया की एसी करंट कितना खतरनाक है लेकिन टेस्ला नहीं रुके और उन्होंने एसी मोटर का डिजाइन पूरा किया।

Biography of Nikola Tesla in hindi

1890 ईसवी में टेस्ला को अमेरिकन इंस्टीट्यूट के इलेक्ट्रिक इंजीनियर का वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया। उन्होंने बहुत सारे डिस्कवरीज किए उन्होंने ओसिलतो लेटेस्ट बनाए जिसके द्वारा फ्रीक्वेंसी को चेंज किया जा सकता है ओसिलो इलेक्ट्रिक मीटर बनाया।टेस्ला पहले इंसान थे जिन्होंने बताया था कि एक्स-रे हमारी बॉडी के लिए खतरनाक है। टेस्ला ने यह भी दिखाया कि इलेक्ट्रिसिटी बिना तारों के कैसे ट्रांसफर किया जाता है।टेस्ला एक हाथ से हजारों वोल्ट का तार पकड़ लेते है और दूसरे हाथ से बल्ब और फिर वो बल्ब जलने लगता है लोग पूछते है उनको करंट क्यों नही लगता टेस्ला बोलते है उन्होंने एसी कि फ्रिक्वेंसी बहुत हाई कर रखी है । करंट उनकी बॉडी से नहीं स्किन से ट्रांसफर हो रहा है उसे स्किन इफेक्ट भी बोलते है। टेस्ला अपने कामों में इतना बिजी हो जाते है कि उनको अपने इन्वेंशन कि पेटेंट्स करवाना ही भूल जाते है।लोग उन्ही कि टेक्नोलॉजी को यूज करके कुछ नया इवेंट कर देते है।फार एग्जांपल रेडियो मिक्रोनी जिन्होंने सबसे पहले रेडियो का प्रेक्टिकल दिमोंस्टेशन दिखाया उन्हें नोबल प्राइज दिया गया।जबकि उसमे टेस्ला कि बहुत सारी टेक्नोलॉजी यूज किया गया था। टेस्ला ने अपने बहुत से काम पर टेंट नहीं करवाए थे इसलिए इस टेक्नोलॉजी के लिए उन्हें अपनी मौत के बाद क्रेडिट मिला। टेस्ला अपने बाप को वापस भेजने की बजाय पूरी बिजली को वायरलेस भेजना चाहते थे इसलिए उन्होंने रेडियो टेक्नोलोजी पर काम नहीं किया। सब इनवेस्टर कोलगा कि रेडियो टेक्नोलॉजी में ज्यादा पैसे हैं इसलिए टेस्ला की फंडिंग withdraw कर ली गई। इस कहानी में हमने देखा कि बहुत ज्यादा ब्रिलिएंट होने के बावजूद टेस्ला को कई बार गरीबी का सामना करना पड़ा और उनका अंत बहुत ही दुख भरा था।मैंने देखा है कि कई एक्स्ट्राऑर्डिनरी – अपने काम में इतने बिजी हो जाते हैं कि वह खुद को फाइनेंशियली सेक्योर नहीं कर पाते। और इन सब जनियस को दुनिया तब रिकॉग्नाइज कर रही होती है जब यह मर चुके होते हैं और तब इसका क्या फायदा।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

%d bloggers like this: